Tuesday, 12 July 2016

अरविन्द सर और शादी (Kejriwal, Arvind And Marriage)

अरविन्द सर की जवानी जब पूरे शबाब पर थी तब वो पूरे 48 किलो के थे...शादी के लिए कोई मैच ही नहीं मिलता था...माने कि उतनी फिट लड़की ही नहीं मिलती, जो भी आता इनकी कुपोषित शक्ल देख अपनी बेटी के भयानक भविष्य की कल्पना से सिंहर कर वापसी का रास्ता पकड़ लेता फिर भाग्यवश ""राम मिलाई जोड़ी"" के रूप में सुन्नो भौजी उनकी किस्मत में आई............
रिश्ता पक्का हो गया....
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अरविन्द सर शुरू से ही आदर्शवादी इंसान रहे हैं अपने पिता को बोले लड़की वालों का ज्यादा खर्चा नहीं करवाना इसलिए बरात में मैं अकेला ही जाऊंगा...लाख समझाने के बाद भी जब ना माने तो बापू ने बाकी घरवालों को समझाया कि इस पगलेट को पहले जाने देंगे हम लोग दो तीन किलोमीटर बाद बरात लेकर जायेंगे
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खैर शादी के दिन सूटेड बूटेड हो सर पर सेहरा पहने अरविन्द सर पैडल वाले रिक्शे पर अपनी ""वन मैन बरात"" लेकर घर से निकले..सेहरे पर मोरपंखी की जगह एक छोटा सा झाडू उनके सौन्दर्य पर चार चाँद लगा रहा था
रिक्शे वाले को लड़की वाले घर की गली से 50 मीटर दूर रोक दिया
बोले :-- यहाँ से बरात पैदल जायेगी.... रिक्शे वाले से तयशुदा 20 रुपये में से 50 मीटर के 2 रुपये कम करवाए....बाकी के 18 भी नहीं दिए...बोले तेरे घर में चंदे की रसीद भिजवा दूंगा.....इसके बदले सर ने दो चांटे खा लिए हँसते-हँसते... लेकिन पार्टी के खजाने में कमी ना आने दी
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अब सर भौजी के घर की गली में अपनी बरात लेकर निकले
भाई लगे भले ही अजीब लेकिन कितना भी टुच्चा इंसान हो जवानी की भावनाएं तो होती ही हैं ना.., अब बरात हो और नाचना गाना न हो ऐसा कैसे हो सकता था
AK सर खुद ही "पीर परबत" गाते, साथ में नाचते हुए बारात आगे बढाते गए
अब जैसे ही बरात आगे बढी गली के कुत्ते आपस में आँखों ही आँखों में एक दूसरे को पूछने लगे
अबे ये क्या है बे?? सबसे सीनियर कुत्ते के पास भी उनके मूक सवालों का कोई जवाब नहीं था....लेकिन सीनियरटी की लाज रखते हुए उसने सबको इशारा कर दिया कि ये इस दुनिया का बाशिंदा नहीं लगता....शायद एलियन अटैक हुआ है सो दुनिया के जिम्मेदार कुत्ते होने के नाते इसे भगाना हमारा फर्ज है.......बस फिर क्या था....दस-बारह कुत्ते सर पर पिल पड़े..कोट,पैंट,जूते,सेहरा सब रास्ते में टपक पड़े......जैसे तैसे वहाँ से जान बचाकर भागे तो रास्ते में बापू फुल-फ्लैश बारात के साथ मिल गए............सर ने तुरंत अपनी जेब से डायरी निकाली....उसमें अपने बापू का नाम फिजूलखर्ची करने वालों की लिस्ट में लिखा...बापू से उनका छः महीने का बैंक अकाउंट स्टेटमेंट माँगा,PAN कार्ड की जीरोक्स ली साथ में 50 रुपये के स्टैम्प पेपर पर एफिडेविट भी कि शादी के खर्च में एक भी पैसा करप्शन वाला तो यूज नहीं किया ना?
हर तरह से आश्वस्त होने के बाद सर बरात में शामिल हुए .
बरात लड़की वालों के दरवाजे पर पहुंची,
दो लड़कियां सर पर कलश लिए स्वागत में खड़ी थी.., कलशों में कमल के फूल थे.....बस 'कमल' देखते ही सर यहीं भड़क गए...
ससुर को बोले :-- आप भाजपा के एजेंट हैं ?? मैं बारात वापस ले जा रहा हूँ....ससुर ने कमल के फूल हटवाये तब कहीं जाकर बरात अन्दर पहुंची.....अब बारी आई खाने की...खाने में सबसे पहले सर रायता स्टाल पर गए....बस वहीँ पसर गए....कटहल का रायता क्यों नहीं बनाया...ससुर बेचारे परेशान....कभी सुना ही नहीं था...खैर आनन फानन में कटहल का रायता बनाया गया.....
जिसे खा सर तृप्त हुए.....
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अब बारी आई फेरों की....ऐन फेरों के वक़्त सुन्नो भौजी के सहेली ने सर के 'जूते' टपा लिए....फेरों के बाद सर को जूते नहीं मिले तो बेदी पर ही धरने पर बैठ गए....बापू ने कहा बेटा ये रिवाज है...जूता छुपाई की रस्म के एवज में सालियों को कुछ ना कुछ देना पड़ता है........साली ने इनकी गरीब सूरत देख 51 रुपये की ही मांग की .....सर ने 10% TDS काट के TDS की पक्की रसीद के साथ 45 रुपये 90 पैसे उसके हाथ में थमा दिए...साली माथा थामे बैठ गई....ससुर ने समझाया...मुझसे ले लियो बेटी बाद में...ये बला टल जाये बस.....
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बारात बिदाई के समय सर ससुर से बोले---देखो जी दहेज़ के मैं खिलाफ हूँ....तीन कपड़ों में बेटी चाहिए...तीन कपड़ों में....
अपने लिए कुछ नहीं मांगता लेकिन पार्टी के लिए दस लाख का चंदा देना पड़ेगा....
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बस फिर क्या था पूरी ससुराल वालों के सब्र का बाँध टूट गया.....
पुरुषों ने जूते और महिलाओं ने चप्पलों से सर की कायदे से आवभगत कर
बारात बिदाई की ....उस पिटाई का सर पर ऐसा सदमा लगा कि उसके बाद से सर ने आजतक ना तो जूते पहने ना ही चप्पल....
..... और मारो इस #@$%& को .....

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